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चरà¥à¤® रोग के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवा कौन सी है ?
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में हमें कई तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है. जिसके लिठबाजार में कई तरह की दवाà¤à¤‚ उपलबà¥à¤§ होती है. लेकिन आजकल देखने को मिल रहा है कि लोगों का à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवाओं की तरफ बढ़ता जा रहा है. इसी कारण किसी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ के इलाज के लिठलोग आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• इलाज ढूà¤à¤¢à¤¤à¥‡ हैं. लोगों को आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवाओ के बारे में अà¤à¥€ अधिक जानकारी नहीं है. इसी कारण उनके मन में कई तरह के सवाल पैदा होते हैं. इसी तरह का à¤à¤• सवाल होता है कि चरà¥à¤® रोग के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवा कौन सी है ? अगर आपके मन में à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ ही सवाल है, तो इस पोसà¥à¤Ÿ में इसी सवाल का जवाब जानते हैं.
चरà¥à¤® रोग1 -
किसी à¤à¥€ बीमारी के इलाज से पहले हमारे लिठयह जानना आवशà¥à¤¯à¤• होता है कि चरà¥à¤® रोग कà¥à¤¯à¤¾ है, तà¤à¥€ हम उस बीमारी का अचà¥à¤›à¥‡ से इलाज करा पाते हैं. अगर चरà¥à¤® रोग को साधारण शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में समà¤à¥‡ तो चरà¥à¤® अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ हमारी चमड़ी या तà¥à¤µà¤šà¤¾ के किसी à¤à¤¾à¤— की असामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ को हम चरà¥à¤® रोग कह सकते हैं. हमारी तà¥à¤µà¤šà¤¾ सीधे तौर पर बाहरी वातावरण के संपरà¥à¤• में रहती है, इसी कारण इसमें ये रोग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है. तà¥à¤µà¤šà¤¾ हमारी सà¥à¤‚दरता के साथ à¤à¥€ जà¥à¤¼à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ है. इसी कारण इससे संबंधित रोगों पर हमारा सबसे पहले धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जाता है.
चरà¥à¤® रोग
चरà¥à¤® रोग के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवा-
चरà¥à¤® रोग के लिठपà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— की जाने वाली आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवा की बात करें, तो इसके लिठपंचनिमà¥à¤¬à¤¾à¤¦à¤¿ वटी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जा सकता है. इस दवा के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— से दाद, खाज-खà¥à¤œà¤²à¥€ , à¤à¤•à¥à¤œà¥€à¤®à¤¾ , तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जलन के साथ खà¥à¤œà¤²à¥€ , चकतà¥à¤¤à¥‡ , काले धबà¥à¤¬à¥‡ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ में लाठमिलता है. अगर इस दवा में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होने वाले घटको की बात करें, तो इसमें पंचनिंब चूरà¥à¤£ , गंधक रसायन , वà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤¹à¤°à¤£ रसायन , पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² पिषà¥à¤Ÿà¥€ , रजत à¤à¤¸à¥à¤® , इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है. इसके बेहतर परिणाम के लिठहम 2-2 गाली सà¥à¤¬à¤¹ और शाम को पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं.
काफी लोगों के मन में सवाल होता है कि यह दवा किसी तरह से काम करती है. यह वटी रकà¥à¤¤ विकारों को दूर कर चरà¥à¤® रोगों को नषà¥à¤Ÿ करने में à¤à¤• विशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ तथा शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤Ÿ औषधियों में से à¤à¤• है. जब आप इस वटी का पà¥à¤°à¥Ÿà¥‹à¤— करते हैं, तो इसकी वजह से तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग पैदा करने वाले कीटाणà¥à¤“ं को पोषण मिलना बंद हो जाता है. जिसके कारण धीरे-धीरे तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग ठीक होने लगते हैं. इसके अलावा à¤à¥€ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में यह औषधि बहà¥à¤¤ ही उपयोगी होती है. आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवाओं से सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° पर आपको यह दवा आसानी से उपलबà¥à¤§ हो जाती है.
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